मथुरा में क्या देखें
शुरुआत श्रीकृष्ण जन्मस्थान से कीजिए, जहाँ कंस के कारागार की स्मृति है। वहाँ सुरक्षा कड़ी रहती है और आमतौर पर मोबाइल और बैग अंदर ले जाने नहीं दिए जाते, इसलिए गाड़ी में छोड़ दें। फिर द्वारकाधीश मंदिर और शाम को यमुना किनारे विश्राम घाट की आरती।
खाने में मथुरा के पुराने दुकानदार का पेड़ा, सुबह कचौड़ी-सब्ज़ी और कुल्हड़ की लस्सी ज़रूर चखिए।
दिन की योजना
सुबह 7 बजे से पहले दिल्ली से निकलिए। 10 बजे तक मथुरा, दोपहर के खाने तक जन्मभूमि और द्वारकाधीश, और उसके बाद 12 किमी दूर वृंदावन। सर्दी की सुबह एक्सप्रेसवे पर ठंड और गर्मी की दोपहर में तेज़ धूप रहती है, कपड़े उसी हिसाब से रखें।
हम गीता में श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलते हैं: हर स्थान पर धर्म का ध्यान और पूरी यात्रा की ज़िम्मेदारी। इसीलिए एक ही टीम पिकअप से ड्रॉप तक आपके साथ रहती है।