एयरपोर्ट से वृंदावन तक
लंबी उड़ान के बाद बाहर खड़े अजनबियों से मोलभाव करना कोई नहीं चाहता। हमारा ड्राइवर पहले से टर्मिनल 3 के अराइवल पर होता है। सामान उठाने में मदद करता है और गाड़ी यमुना एक्सप्रेसवे या NH19 से निकल पड़ती है। ज़्यादातर मेहमान साढ़े तीन घंटे के अंदर अपने ठिकाने पर पहुँच जाते हैं।
पहली शाम की योजना
शाम तक पहुँच गए तो आरती के दर्शन हो सकते हैं। बाँके बिहारी और ISKCON में शाम की आरती होती है और प्रेम मंदिर अँधेरे के बाद रोशन होता है। मंदिरों के समय मौसम के अनुसार बदलते हैं, इसलिए उसी दिन पूछ लें। देर रात पहुँचें तो पहले आराम कीजिए। निधिवन सहित अधिकतर स्थान अँधेरे के बाद बंद रहते हैं।
कौन सी गाड़ी
- 2 से 3 लोग: सेडान।
- 5 से 6 लोग और बुज़ुर्ग: इनोवा, जिसमें बैठना आसान है।
- 8 से 12 लोगों का समूह: टेम्पो ट्रैवलर।