कौन से विकल्प मिलते हैं
- आश्रम और धर्मशालाएँ: सादा, सेवा भाव का माहौल, कम शुल्क या दान पर। अक्सर नियम सख़्त होते हैं और पहले से बुकिंग मुश्किल।
- मंदिर के गेस्ट हाउस: जैसे ISKCON का गेस्ट हाउस। कमरे सीमित हैं, इसलिए त्योहार और कार्तिक में जल्दी बुकिंग चाहिए।
- होटल: प्रेम मंदिर और परिक्रमा मार्ग के पास कई हैं। सुविधा अच्छी, पर भीड़ भी।
- होमस्टे: घरेलू माहौल, सात्विक भोजन, और अक्सर मंदिरों की जानकारी देने वाले मेज़बान।
"निःशुल्क आश्रम" के बारे में सच
इंटरनेट पर निःशुल्क आश्रम की बहुत खोज होती है। सच यह है कि कई आश्रम पूरी तरह निःशुल्क नहीं होते। वे दान स्वीकार करते हैं, कमरे कम होते हैं, कुछ केवल साधकों या विशेष समुदायों के लिए होते हैं, और रुकने की अवधि सीमित होती है। बिना बुकिंग पहुँचने पर जगह न मिलना आम बात है। इसलिए सफ़र से पहले फ़ोन से पक्का कर लें, और एक वैकल्पिक जगह रखें।
लाला धाम होमस्टे
लाला धाम हमारा अपना होमस्टे है: साफ़ कमरे, घर का बना सात्विक भोजन, गरम पानी, और गाड़ी तथा गाइड एक ही फ़ोन पर। यह वृंदावन के मंदिरों के पास है, और परिवारों, दंपतियों और वरिष्ठ यात्रियों के लिए ठीक रहता है।
हम गीता में श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलते हैं: हर स्थान पर धर्म का ध्यान और पूरी व्यवस्था की ज़िम्मेदारी। इसलिए जो आपको बताया जाता है, वही आपको मिलता है।